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YASHWANT VYAS यशवंत  व्यास

कवि की मनोहर कहानियाँ  

STORIES of POETIC CRIMES

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Upcoming

  Episode

कवि स्टार्टअप में लगा।
चाय की गुमटी लगाएंगे। एक चम्मच शक्कर, आधी चम्मच चाय की पत्ती,  

बाकी मुफ्त पानी और हल्का सा दूध। नब्बे परसेंट मुनाफे का सौदा ।


कई दिन सोचा। सोच में कई कप चाय पी गया।


आखिर 'स्टार्ट अप' शुरू हुआ। न्यूनतम इन्वेस्टमेंट, एन्श्योर्ड प्रॉफिट।
कवि ने यूनिकॉर्न की हिस्ट्री का भारी अध्ययन किया था। उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। उसने नया और ऑफ-बीट ऑफर दिया।

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About
   The Show

कवि आत्मा है, मनुष्य शरीर है।

कवि जीभ है, मनुष्य नमक है।

कवि प्यास है, मनुष्य पानी है।

कवि भूख है, मनुष्य रोटी है।

 

कवि कविता की जगह एक नाव बना दे तो जनता उसमें चढ़ बैठे,ताकि जब डूबने की घड़ी आए तो जान बचाने का सामान हो।कवि कहता है, नाव बनाना मामूली काम है।    वह ऐसे मामूली काम क्यों करे?वह महान काम के लिए पैदा हुआ है।  नाव तो किसी ऐरे-गैरे से बनवा लो जो लकड़ी ठोंकना जानता हो, कवि तो कविता ठोंकता है।

कवि इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में  बैठा सोच रहा है,

वह आदमी बन गया तो कविता कौन करेगा ?


 कवि खाना खाता है। कवि दारू पीता है। 

कवि हवाईजहाज में बैठता है। कवि छापाखाने में जाता है।

 कवि पैसा लेता है, ऊपर के नोट पीछे की जेब में  रखता  है ।

कवि गरियाता है, कवि जलता है, सड़क पर कचरा फेंकता है, लाइन तोड़ता है,

आंख और कमीशन मारता है, ऊंघता है, टरकाता है, घूरता है, झपटता है

 और, एकतरफा प्रेम में असफल होता है।

 

कवि अस्पताल, बैंक, स्कूल, फिल्म, रेस्टोरेंट, देह, मेह, मोबाइल, नाचघर और क्रिकेट को भोगता है।

कवि आरटीआई लगाता है और क्रांति का  भुट्टा खाता है ,

पर 

कवि स्कूटी का लाइसेंस नहीं रखता।

 

ये ऐसे ही कवि की मनोहर कहानियाँ हैं

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in Print.

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Creators

YASHWANT  VYAS 

Author 

PAVAN JHA

Host

YV INK

Producer

R4RESEARCH

Fact-Checking & Research

GJ  

Editor

B PAWAN

Sound Design

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फूटी आँख विवेक की

लखै न संत- असंत

जाकै संग दस-बीस हैं ताकौ नाम महंत

Stories of POETIC CRIMES

Poet is revered as the purest soul. But what happens when the purity itself finds its solace in the craft of immorality and the JOY OF SIN. So this Poet alias KAVI who is meant for serving humanity indulges in business of humanity and becomes a highly successful CEO of his enterprise.

Kavi Ki Manohar Kahaniyan are the SINFUL STORIES of this 'SUPREME SAINT' POET whose crimes are 'un-poetically' poetic.

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